अब निजी स्कूल कोर्स-यूनिफार्म और जूते में कमीशन का खेल नहीं खेल पाएंगे। अगर किसी विद्यालय ने अभिभावक या छात्र को किसी पुस्तक विक्रेता, यूनिफॉर्म और जूते विक्रेता की पर्ची दी या नाम बताया तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों को आदेश जारी किए हैं। उन्होंने आदेश में कहा है कि एक अप्रैल 2020 से नया शैक्षिक सत्र शुरू होगा। इस तरह की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
जिला विद्यालय निरीक्षक रविदत्त ने आदेश जारी करते हुए बताया है कि प्रत्येक वर्ष निजी स्कूलों की शिकायतें आती हैं कि वह कमीशन के चक्कर में कुछ यूनिफॉर्म, पुस्तक और जूते विक्रेताओं से सेटिंग रखते हैं। अभिभावकों या छात्रों को स्कूल के नाम या संबंधित विक्रेता के नाम की पर्ची बनाकर दे देते हैं। अभिभावकों को उसी दुकान से सामान खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। क्योंकि कुछ पुस्तक ऐसी होती हैं जो संबंधित दुकान पर ही उपलब्ध हो पाती हैं। इसके ऐवज में निजी स्कूल विक्रेताओं से मोटा कमीशन वसूलते हैं। पुस्तक, यूनिफॉर्म और जूते विक्रेताओं से स्कूल की सेटिंग का खेल पुराना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अब किसी विक्रेता या स्कूल के नाम की पर्ची मिली तो संबंधित विद्यालय और विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों ने एनसीईआरटी की पुस्तकें लगाने की मांग की
गाजियाबाद। ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवानी जैन और महासचिव सचिन सोनी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखकर मांग की है कि सीबीएसई स्कूलों में अनिवार्य रूप से एनसीईआरटी की पुस्तकें लगवाई जाएं। उन्होंने आरोप लगाया है कि स्कूल जूते, यूनिफॉर्म और किताबों के नाम पर मोटा कमीशन लेते हैं। उस पर रोक लगाई जाए। क्योंकि अभिभावकों को लूटने का काम किया जा रहा है।
कोर्स-यूनिफार्म और जूते में कमीशन के खेल में फंसेंगे स्कूल