गाजियाबाद। 23 दिसंबर 2019 को हुए मनीष हत्याकांड में रिश्तेदारों पर शिकंजा कसते ही हत्यारोपी सरेंडर की राह पर आ गए हैं। नौ में से दो हत्यारोपियों ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसका पता चलते ही नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों से जेल में पूछताछ करने के लिए अर्जी लगाई। कोर्ट से अनुमति मिलने पर पुलिस ने मंगलवार को जेल में जाकर दोनों आरोपियों से पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक पूछताछ में अन्य आरोपियों के बारे में पुलिस को अहम जानकारी मिली है।
गौरतलब है कि 23 दिसंबर 2019 को जीटी रोड पर सेनेट्री कारोबारी मनीष यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में परिजनों ने यशदेव, कालू, विनोद यादव, मानसिंह, विजय सिंह, सुनील, महाराम, रम्मन और महेंद्र के खिलाफ बलवा व हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस लगातार आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही थी। इसी बीच 25 जनवरी की देर शाम पता चला कि रिंकू शर्मा निवासी छपरौला गौतमबुद्धनगर और मिसलगढ़ी निवासी धीरज हत्यारोपियों को पनाह दे रहे हैं। पुलिस ने दबिश दी तो आरोपी फरार हो गए, लेकिन रिंकूव धीरज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक शरण देने वालों में पूर्व पार्षद सतपाल यादव भी शामिल है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
दो दिन बाद ही कोर्ट की शरण में पहुंच गए हत्यारोपी
रिश्तेदारों के जेल जाते ही मनीष यादव के हत्यारोपियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने अपने वकीलों से संपर्क कर कोर्ट की शरण में जाना उचित समझा। नगर कोतवाल सत्येंद्र प्रकाश सिंह के मुताबिक दो हत्यारोपियों कालू व महेंद्र ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया, वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मंगलवार को दोनों आरोपियों से जेल में पूछताछ कर अहम जानकारी जुटाई गई।
घटना के वक्त आसपास मौजूद थे सभी आरोपी
पुलिस के मुताबिक जिस वक्त मनीष यादव की हत्या की गई, उस वक्त सभी आरोपियों ने फील्डिंग जमा रखी थी। कोई सीधे संपर्क में था तो कोई षड्यंत्र में शामिल था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन निकाली तो सभी आरोपी आसपास ही मौजूद मिले। कोई भी आरोपी शहर से बाहर नहीं था।
नेता की सिफारिश भी नहीं आई काम, कोर्ट से भी राहत नहीं
जानकारी के मुताबिक पुलिस से बचने के लिए हत्यारोपियों ने सत्ता पक्ष के मजबूत नेता से पैरवी भी कराई थी। आरोपी मामले की जांच सीबीसीआईडी में ट्रांसफर कराना चाहते थे, लेकन पुलिस ने निगेटिव रिपोर्ट भेजी। इसके अलावा आरोपियों ने हाईकोर्ट से स्टे लेने की कोशिश भी की, लेकिन कोई बात नहीं बनी। नगर कोतवाल का कहना है कि फरार चल रहे अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।
रिश्तदारों पर आंच आते ही सरेंडर की राह पर मनीष के हत्यारोपी